Getting Things Done: The Art of Stress-Free Productivity by David Allen in Hindi:




  • अपने दिन का शुरुआत योग्य तरीके से करें, ताकि आप अपने उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें।
  • नियंत्रित और आत्मसमर्पित रहना एक सफल और तनावमुक्त जीवन के लिए आवश्यक है।
  • आपके साथ होने वाले सभी कामों को समय सीमा तक संग्रहित करें।
  • कोई भी काम अगले दिन के लिए छोड़ देना अस्थायी समाधान है। इसलिए, सभी कामों को तुरंत निपटाएं।
  • निर्णय लेने से पहले, संबंधित विवरणों को अच्छी तरह से समझें।
  • अपने काम को श्रृंखलाबद्ध तरीके से व्यवस्थित करें।
  • अपनी प्रतिक्रियाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें और नियमित अंतराल पर अपडेट करें।
  • सभी विस्तारों में एक निश्चित लक्ष्य के साथ काम करें और अपने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उच्च दक्षता प्रदर्शित करें।
  • अपने उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए, समय और संसाधनों का उचित उपयोग करें।
  • अपने उद्देश्यों को अच्छी तरह से प्रबंधित करने के लिए, अपनी आवश्यकताओं को आधार बनाकर अपनी सूची को अपडेट करते रहें। इससे आप अपने उद्देश्यों के लिए जरूरी समय और संसाधनों को उपयोग कर सकते हैं।

The Law of Success by Napoleon Hill

 

  • समस्याओं को निराकरण करने के लिए, सबसे पहले अपने अंदर की समस्याओं से निपटें।
  • अपनी इच्छाशक्ति को उद्देश्यों में प्रवर्तित करने के लिए विश्वास का साथ दीजिए।
  • लक्ष्यों को व्यक्त करने से पहले अपनी उत्पादक शक्ति को जागृत करें।
  • अपनी विशेषताओं को चुनें और उन्हें विकसित करने के लिए प्रयास करें।
  • संघर्ष और त्रुटियों से सीखें और उनसे आगे बढ़ने का प्रयास करें।
  • सफलता के लिए, संकल्प की शक्ति और जीवन में एकाग्रता जरूरी है।
  • समस्याओं के सामना करने में डरने की जगह, उन्हें हल करने की कोशिश करें।
  • विश्वास और दृढ़ता से काम करें और आत्मविश्वास को नहीं खोने दें।
  • अपनी अधिकतम क्षमता को प्रयोग करने की कोशिश करें और समय की कीमत को समझें।
  • सफलता के लिए, उत्साह और सफलता के लिए आगे बढ़ने की चाह को बरकरार रखें।


Thought of the day : Swami Vivekananda


Thought Of The Day in hindi
Thought of the day : Swami Vivekana
Thought Of The Day for students ndinda

  • जो कुछ तुम अब हो, उससे ज्यादा नहीं होगा, लेकिन जो कुछ तुम अब नहीं हो, उससे भी कम नहीं होगा।
  • आपका उद्देश्य अगर बड़ा है, तो आपकी चुनौतियाँ भी उतनी ही बड़ी होंगी।
  • तुम कितने भी मजबूत क्यों न हो, मन से मजबूत नहीं होते।
  • यदि आप एक सफल इंसान बनना चाहते हैं तो पहले अपने काम के मायने को जानें और फिर उसे करें।
  • जो कुछ हम करते हैं, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है वह कैसे करते हैं।
  • संघर्ष हमारी ताकत बढ़ाता है।
  • जब तक आप खुद को स्वीकार नहीं करते, दुनिया आपको स्वीकार नहीं करेगी।
  • जिस दिन आपने अपनी सीमाओं को चुनौती दी, उसी दिन आपने आपको स्वतंत्र बना लिया।
  • न कुछ पाने की चाहत करो, न कुछ खोने से डरो।
  • आप जितने उन्नति करेंगे, उतने ही आपके सामने अधिक चुनौतियाँ आएंगी।


Do it now : अभी करें" के 10 महत्वपूर्ण नियम:

  • प्राथमिकता के आधार पर अपने कामों की सूची तैयार करें: महत्व और अत्यावश्यकता के आधार पर अपने कामों की सूची बनाएं।
  • अंतिम तिथि तय करें: हर एक कार्य के लिए एक अंतिम तिथि तय करें जिससे आप समय पर समाप्त कर सकें और अपने काम समाप्त कर सकें।
  • ड़े कार्यों को छोटे कार्यों में विभाजित करें: बड़े कार्यों को छोटे, संभवतः सम्पूर्ण करने योग्य कार्यों में विभाजित करके उन्हें कम भारी बनाएं।
  • विभिन्न विलंबनकारी परिवेशों से बचें: आपकी ध्यानवतीता और उत्पादकता को बढ़ाने में बाधा बनने वाले किसी भी विलंबनकारी परिवेश की पहचान और निवारण करें।
  • काम शुरू करें: टाल-मटोल न करके, अपने काम पर काम शुरू करें।
  • पूर्णता पर ज्यादा ध्यान न दें: उत्कृष्टता के लिए नहीं, बल्कि प्रगति और समापन के लिए ध्यान दें।


  • व्यवस्थित रहें: आपके काम के स्थान और सामग्री को व्यवस्थित बनाएं।
  • अनुशासन अपनाएं: नियमित रूप से कार्रवाई लेने और टालमटोल से बचने की आदत विकसित करें।
  • एक समय में एक कार्य पर ध्यान केंद्रित करें: कई कार्यों के समवेदनशील होने से बचें और एक कार्य पर ध्यान केंद्रित करने से अपनी कुशलता और उत्पादकता को बेहतर बनाएं।
  • अपनी प्रगति का जश्न मनाएं: आपकी प्रगति और सफलताओं को स्वीकार करें और उत्साहित रहने के लिए उन्हें माने और जश्न मनाएं। 


The 5 AM Club: Own Your Morning, Elevate Your Life के 10 महत्वपूर्ण नियम:



  • सुबह उठने का समय निश्चित करें: सुबह 5 बजे उठने का समय निश्चित करें और इसे नियमित बनाएं।
  • ध्यान करना शुरू करें: सुबह उठते ही ध्यान करना शुरू करें ताकि दिन का शुरुआत एक सकारात्मक तरीके से हो।
  • व्यायाम करें: सुबह उठकर व्यायाम करना शुरू करें ताकि आपका शरीर तंदुरुस्त रहे और मन शांत रहे।
  • स्नान करें: सुबह स्नान करने से शरीर की साफ-सफाई होती है और दिन की शुरुआत एक स्वच्छ और ताजगी भरी तरीके से होती है।
  • पाठ्यक्रम बनाएं: दिन की शुरुआत में एक पाठ्यक्रम बनाएं जो आपकी उन्नति और सफलता की ओर ले जाए।
  • अपने लक्ष्यों को ताकत दें: सुबह समय निकालें और अपने लक्ष्यों के बारे में सोचें और उन्हें पूरा करने के लिए ताकत दें।
  • सकारात्मक सोच रखें: सकारात्मक सोच रखने से आपके अंदर उत्साह और ऊर्जा भर जाती है जो आपकी उन्नति के लिए आवश्यक है।
  • सुबह का नाश्ता ना छोड़ें: सुबह का नाश्ता न करना आपके शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। एक स्वस्थ नाश्ता खाकर दिन की शुरुआत करें।
  • अपने दोस्तों के साथ समय बिताएं: अपने दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताना आपको खुश रखता है और स्ट्रेस से राहत देता है।
  • रात्रि को अच्छी नींद लें: सुबह जल्दी उठने के लिए अच्छी नींद जरूरी होती है। रात्रि में समय से पहले सोएं और अपने शरीर को आराम दें।

10 Motivational Quotes


 "जो दूसरों को मोटिवेट करता है, वो खुद भी मोटिवेट रहता है।"

"हार के बाद भी सफलता मिलती है, बस थोड़ा इंतज़ार करना पड़ता है।"

"जब बारिश होती है, तो सारे कवच तोड़कर केवल जूते पहनना पड़ता है।"

"कमजोर हमेशा दरिंदों के सामने हारते हैं।"

"मंज़िल उसके लिए नहीं होती जो हार मान लेता है।"

"व्यक्ति को अपनी असफलता से सीखना चाहिए, न कि दूसरों की सफलता से।"

"जो अभी नहीं कर सकता, वो कभी नहीं कर पाएगा।"

"अगर आपको लगता है कि आप कुछ कर सकते हैं, तो आप सफलता पा सकते हैं।"

"जब आप दूसरों के बदले खुद को बदलने की कोशिश करते हैं, तो आप खुद का सबसे बड़ा दुश्मन हो जाते हैं।"

"जो अभी जीता नहीं, वह ज़रूर जीतेगा।"

जैक मा से कलाम तक Exam में हुए थे फेल, लेकिन जिंदगी में हुए Pass


जैक मा से कलाम तक Exam में हुए थे फेल, लेकिन जिंदगी 
में हुए Pass

यह बात सही है कि जैक मा से कलाम तक की पढ़ाई के दौरान वो अपनी परीक्षाओं में फेल हो गए थे। लेकिन इसके बावजूद वो जिंदगी में सफल हो गए।

जब हम परीक्षाओं के बारे में सोचते हैं तो इसका मतलब सिर्फ और सिर्फ अकादमिक या विद्यार्थी जीवन से नहीं होता है। असफलताएं हमारे जीवन में बहुत सी चीजों के लिए एक मौका होती हैं। वे हमें समझाती हैं कि हमें जो भी करना होगा, उसके लिए हमें तैयार रहना होगा।

असफलताएं हमें अनुभवों से बढ़ने का मौका देती हैं और हमें सीखती हैं कि अगली बार हमें क्या करना चाहिए या नहीं करना चाहिए। वे हमारी व्यक्तिगत विकास में एक अहम भूमिका निभाती हैं।

जब हमारी जिंदगी में सफलता नहीं होती है तो उससे डरने की बजाय हमें उससे सीखना चाहिए। जैक मा से कलाम तक की इस सफर में असफलताओं के बाद भी उन्होंने सीखा और जीत हासिल की है। इससे हमें ये सीख मिलती है कि हमें नहीं डरना चाहिए

ह बात सही है कि जैक मा से कलाम तक की पढ़ाई के दौरान वो अपनी परीक्षाओं में फेल हो गए थे। लेकिन इसके बावजूद वो जिंदगी में सफल हो गए।

जब हम परीक्षाओं के बारे में सोचते हैं तो इसका मतलब सिर्फ और सिर्फ अकादमिक या विद्यार्थी जीवन से नहीं होता है। असफलताएं हमारे जीवन में बहुत सी चीजों के लिए एक मौका होती हैं। वे हमें समझाती हैं कि हमें जो भी करना होगा, उसके लिए हमें तैयार रहना होगा।

असफलताएं हमें अनुभवों से बढ़ने का मौका देती हैं और हमें सीखती हैं कि अगली बार हमें क्या करना चाहिए या नहीं करना चाहिए। वे हमारी व्यक्तिगत विकास में एक अहम भूमिका निभाती हैं।

जब हमारी जिंदगी में सफलता नहीं होती है तो उससे डरने की बजाय हमें उससे सीखना चाहिए। जैक मा से कलाम तक की इस सफर में असफलताओं के बाद भी उन्होंने सीखा और जीत हासिल की है। इससे हमें ये सीख मिलती है कि हमें नहीं डरना चाहिए

सूर्य नमस्कार कैसे करें?


सूर्य नमस्कार कैसे करें?

सूर्य नमस्कार – एक पूर्ण यौगिक व्यायाम

सूर्य नमस्कार 12 शक्तिशाली योग आसनों का एक समन्वय है, जो एक उत्तम कार्डियो-वॅस्क्युलर व्यायाम भी है।
'सूर्य नमस्कार' का शाब्दिक अर्थ सूर्य को अर्पण या नमस्कार करना है। यह योग आसन शरीर को सही आकार देने और मन को शांत व स्वस्थ रखने का उत्तम तरीका है।
सूर्य नमस्कार प्रातःकाल खाली पेट करना उचित होता है। आइए अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए सूर्य नमस्कार के इस सरल और प्रभावी आसनों को आरंभ करें।

प्रत्येक सूर्य नमस्कार के चरण में 12 आसनों के दो क्रम होते हैं I 12 योग आसन सूर्य नमस्कार का एक क्रम पूर्ण करते हैं I सूर्य नमस्कार के एक चरण के दूसरे क्रम में योग आसनों का वो ही क्रम दोहराना होता है, अपितु केवल दाहिने पैर के स्थान पर बाएँ पैर का प्रयोग करना होगा (नीचे चौथे और नवें पद में इसका विवरण दिया गया है)I सूर्य नमस्कार के विभिन्न प्रारूप पाए जाते हैं, हालाँकि बेहतर यही है कि किसी एक ही प्रारूप का अनुसरण करें और उसी के नियमित अभ्यास से उत्तम परिणाम पाएँ।

अच्छे स्वास्थ्य के अतिरिक्त सूर्य नमस्कार धरती पर जीवन के संरक्षण के लिए हमें सूर्य के प्रति आभार प्रकट करने का अवसर भी देता है। अगले 10 दिनों के लिए अपना दिन, मन में सूर्य की ऊर्जा के प्रति आभार और कृपा का भाव रखकर प्रारंभ करें।

12 सूर्य नमस्कार और दूसरे योग आसनों को करने पश्चात योग निद्रा में पूर्ण विश्राम अवश्य करें। आप पाएँगे कि यह आपके चुस्त दुरुस्त, प्रसन्न और शांत रहने का मंत्र बन गया है; एक मंत्र जिस का प्रभाव दिन भर आप के साथ रहेगा I

1. प्रणाम आसन (प्रेयर पोज़)

अपने आसन (मैट) के किनारे पर खड़े हो जाएँ, अपने दोनों पंजे एक साथ जोड़ कर रखें और पूरा वजन दोनों पैरों पर समान रूप से डालें। अपनी छाती फुलाएँ और कंधे ढीले रखेंI

श्वास लेते हुए दोनों हाथ बगल से ऊपर उठाएँ और श्वास छोड़ते हुए हथेलियों को जोड़ते हुए छाती के सामने प्रणाम मुद्रा में ले आएँ I

2. हस्तउत्थान आसन (रेज़्ड आर्म्स पोज़)

श्वास लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएँ और पीछे ले जाएँ व बाजुओं की द्विशिर पेशियों (बाइसेप्स) को कानों के समीप रखें I इस आसन में पूरे शरीर को एड़ियों से लेकर हाथों की उंगलियों तक सभी अंगों को ऊपर की तरफ खींचने का प्रयास करें।

इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ?

अपने कूल्हे को आगे की तरफ धकेल कर यह सुनिश्चित करें कि आप अपनी उंगलियों के साथ ऊपर की ओर जा रहे हैं ना कि पीछे की तरफ मुड़ रहे हैं।

3. हस्तपाद आसन( हॅंड टू फुट पोज़)

श्वास छोड़ते हुए व रीढ़ की हड्डी सीधी रखते हुए कमर से आगे झुकें। पूरी तरह श्वास छोड़ते हुए दोनों हाथों को पंजो के समीप ज़मीन पर रखेंI

इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ?

हथेलियों को ज़मीन तक लाने में अगर ज़रूरत हो तो घुटने मोड़ सकते हैं, और अब घुटनों को सीधा करने का एक सौम्य प्रयास करें।

अब से लेकर जब तक सूर्य नमस्कार का यह क्रम पूरा नहीं हो जाता, अपने हाथों की इस स्थिति को इसी स्थान पर स्थिर रखें I

4. अश्व संचालन आसन (एक्वेस्ट्रियन पोज़)

श्वास लेते हुए जितना संभव हो दाहिना पैर पीछे ले जाएँ, दाहिने घुटने को ज़मीन पर रख सकते हैं, दृष्टि को ऊपर की ओर ले जाएँ I

इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ?

सुनिश्चित करें कि बायां पैर दोनों हथेलिओं के बीच में रहे।

5. डंडआसन (स्टिक पोज़)

श्वास लेते हुए बाएँ पैर को पीछे ले जाएँ और संपूर्ण शरीर को सीधी रेखा में रखें I

इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ?

अपने हाथ ज़मीन के लंबवत रखें I

6. अष्टांग नमस्कार (सल्यूट विथ एट पार्ट्स ऑर पायंट्स)

आराम से दोनों घुटने ज़मीन पर लाएँ और श्वास छोडें I अपने कूल्हों को पीछे उपर की ओर उठाएँ I पूरे शरीर को आगे की ओर खिसकाएँI अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुएँ I

अपने कुल्हों को थोड़ा उठा कर ही रखेंI अब दो हाथ, दो पैर, दो घुटने, छाती और ठुड्डी (शरीर के आठ अंग ) ज़मीन को छूते हुए होंगेI

7.भुजंग आसन (कोबरा पोज़)

आगे की ओर सरकते हुए, भुजंगासन में छाती को उठाएँI कुहनियाँ मुड़ी रह सकती हैं। कंधे कानों से दूर और दृष्टि ऊपर की ओर रखेंI

इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ?

श्वास लेते हुए छाती को आगे की तरफ धकेलने का सौम्य प्रयास करेंI श्वास छोड़ते हुए नाभि को सहजता से नीचे की ओर दबाएँI पैरों की उंगलियों को भी नीचे की तरफ दबाएँ। यह सुनिश्चित करें कि जितना कर सकते हैं उतना ही करें, अपने साथ ज़बरदस्ती ना करें।

8. पर्वत आसन (माउंटन पोज़)

श्वास छोड़ते हुए कूल्हों और रीढ़ की हड्डी के निचले भाग को ऊपर उठाएँ, छाती को नीचे झुकाकर एक उल्टे वी (˄) के आकार में आ जाएँI

इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ?

यदि संभव हो तो एड़ियों को ज़मीन पर ही रखें और रीढ़ के निचले भाग को ऊपर उठाने का प्रयास करेंI खिंचाव को गहराता हुआ अनुभव करें।

9. अश्वसंचालन आसन (एक्वेस्ट्रियन पोज़)

श्वास लेते हुए दाहिना पैर दोनों हाथों के बीच ले जाएँ, बाएँ घुटने को ज़मीन पर रख सकते हैंI दृष्टि ऊपर की ओर रखेंI

इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ?

दाहिने पंजे को दोनो हाथों के बीच में रखें और दाहिनी पिंडली को ज़मीन के लंबवत रखेंI कूल्हों को नीचे की तरफ ले जाने का प्रयास करें ताकि खिंचाव को गहराता हुआ अनुभव किया जा सकेI

10. हस्तपाद आसन ( हॅंड टू फुट पोज़)

श्वास छोड़ते हुए बाएँ पैर को आगे लाएँ, हथेलियों को ज़मीन पर ही रहने देंI अगर ज़रूरत हो तो घुटने मोड़ सकते हैं।

इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ?

धीरे से घुटनों को सीधा करें और अगर संभव हो तो अपनी नाक से घुटनों को छूने का प्रयास करें, और श्वास लेते रहेंI

11.हस्तउत्थान आसन (रेज़्ड आर्म्स पोज़)

श्वास लेते हुए रीढ़ की हड्डी को धीरे धीरे ऊपर लाएँ, हाथों को ऊपर और पीछे की ओर ले जाएँ, कुल्हों को आगे की तरफ धकेलें।

इस योग आसन को और प्रभावी कैसे बनाएँ?

सुनिश्चित करें कि कान बाजू से सटे हों और खिंचाव ऊपर की ओर हो, न कि पीछे की ओर।

12.ताड़ासन (ट्री पोज़)

श्वास छोड़ते हुए पहले शरीर सीधा करें फिर हाथों को नीचे लाएँI इस अवस्था में विश्राम करें और शरीर में हो रही संवेदनाओं के प्रति सजगता ले आएँI

आप सूर्य नमस्कार के मंत्रो के विषय में भी पढ़ सकते हैंI सूर्य नमस्कार बेहतर करने के 11 सुझावों के द्वारा आप अपने सूर्य नमस्कार के अभ्यास को और भी प्रभावी बना सकेगें।

Self-confidence बढाने के 10 तरीके


अपने आत्मविश्वास को सुधारने के लिए ये हैं 10 टिप्स:

  1. सकारात्मक सोच वाले लोगों के साथ समय बिताएं।
  2. अपनी शक्तियों को समझें और उन्हें बढ़ावा दें।
  3. नए काम करने से नहीं डरें, उन्हें ट्राई करें।
  4. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
  5. अपने आसपास के लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाएं।
  6. अपने गुणों के बारे में सोचें और उन्हें बढ़ावा दें।
  7. नियमित रूप से ध्यान करें।
  8. स्वयं के साथ मिलजुलकर रहें और स्वयं को स्वीकारें।
  9. सकारात्मक अनुभवों के बारे में लोगों के साथ बातचीत करें।
  10. विफलता से नहीं हारें, उससे सीखें और आगे बढ़ें।

चाणक्य के 15 अमर वाक्य:


चाणक्य के 15 अमर वाक्य:
1)दुनिया की सबसे बड़ी ताकत पुरुष का विवेक
और महिला की सुन्दरता है।
2)हर मित्रता के पीछे कोई स्वार्थ जरूर होता है, यह
कड़वा सच है।
3)अपने बच्चों को पहले पांच साल तक खूब प्यार करो।
छः साल से पंद्रह साल तक कठोर अनुशासन और संस्कार
दो।
सोलह साल से उनके साथ मित्रवत व्यवहार करो।
आपकी संतति ही आपकी सबसे अच्छी मित्र है।"
4)दूसरों की गलतियों से सीखो
अपने ही ऊपर प्रयोग करके सीखने को तुम्हारी आयु कम
पड़ेगी।
5)किसी भी व्यक्ति को बहुत ईमानदार नहीं होना
चाहिए।
सीधे वृक्ष और व्यक्ति पहले काटे जाते हैं।
6)अगर कोई सर्प जहरीला नहीं है
तब भी उसे जहरीला दिखना चाहिए वैसे दंश भले ही न
हो
पर दंश दे सकने की क्षमता का दूसरों को अहसास
करवाते रहना चाहिए।
7)कोई भी काम शुरू करने के पहले तीन सवाल अपने आपसे
पूछो...
मैं ऐसा क्यों करने जा रहा हूँ ?
इसका क्या परिणाम होगा ?
क्या मैं सफल रहूँगा?
8)भय को नजदीक न आने दो अगर यह नजदीक आये
इस पर हमला कर दो यानी भय से भागो मत
इसका सामना करो।
9)काम का निष्पादन करो, परिणाम से मत डरो।
10)सुगंध का प्रसार हवा के रुख का मोहताज़ होता है
पर अच्छाई सभी दिशाओं में फैलती है।"
11)ईश्वर चित्र में नहीं चरित्र में बसता है
अपनी आत्मा को मंदिर बनाओ।
12)व्यक्ति अपने आचरण से महान होता है
जन्म से नहीं।
13)ऐसे व्यक्ति जो आपके स्तर से ऊपर या नीचे के हैं
उन्हें दोस्त न बनाओ,
वह तुम्हारे कष्ट का कारण बनेगे।
समान स्तर के मित्र ही सुखदायक होते हैं।
14)अज्ञानी के लिए किताबें और
अंधे के लिए दर्पण एक समान उपयोगी है।
15)शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है।
शिक्षित व्यक्ति सदैव सम्मान पाता है।
शिक्षा की शक्ति के आगे युवा शक्ति और सौंदर्य
दोनों ही कमजोर है

राजा भोज ने कवि कालीदास से दस सर्वश्रेष्ट सवाल किए:
1- दुनिया में भगवान की सर्वश्रेष्ठ रचना क्या है?
उत्तर- ''मां''
2- सर्वश्रेष्ठ फूल कौन सा है?
उत्तर- "कपास का फूल"
3- सर्वश्र॓ष्ठ सुगंध कौनसी है
उत्तर- वर्षा से भीगी मिट्टी की सुगंध ।
4-सर्वश्र॓ष्ठ मिठास कौनसी
- "वाणी की"
5- सर्वश्रेष्ठ दूध-
"मां का"
6- सबसे से काला क्या है
"कलंक"
7- सबसे भारी क्या है
"पाप"
8- सबसे सस्ता क्या है
"सलाह"
9- सबसे महंगा क्या है
"सहयोग"
10-सबसे कडवा क्या है
ऊत्तर- "सत्य"

आज ही क्यों नहीं ? 

आज ही क्यों नहीं ? 

एक बार की बात है कि एक शिष्य अपने गुरु का बहुत आदर-सम्मान किया करता था |गुरु भी अपने इस शिष्य से बहुत स्नेह करते थे लेकिन  वह शिष्य अपने अध्ययन के प्रति आलसी और स्वभाव से दीर्घसूत्री था |सदा स्वाध्याय से दूर भागने की कोशिश  करता तथा आज के काम को कल के लिए छोड़ दिया करता था | अब गुरूजी कुछ चिंतित रहने लगे कि कहीं उनका यह शिष्य जीवन-संग्राम में पराजित न हो जाये|आलस्य में व्यक्ति को अकर्मण्य बनाने की पूरी सामर्थ्य होती है |ऐसा व्यक्ति बिना परिश्रम के ही फलोपभोग की कामना करता है| वह शीघ्र निर्णय नहीं ले सकता और यदि ले भी लेता है,तो उसे कार्यान्वित नहीं कर पाता| यहाँ तक कि  अपने पर्यावरण के प्रति  भी सजग नहीं रहता है और न भाग्य द्वारा प्रदत्त सुअवसरों का लाभ उठाने की कला में ही प्रवीण हो पता है | उन्होंने मन ही मन अपने शिष्य के कल्याण के लिए एक योजना बना ली |एक दिन एक काले पत्थर का एक टुकड़ा उसके हाथ में देते हुए गुरु जी ने कहा –‘मैं तुम्हें यह जादुई पत्थर का टुकड़ा, दो दिन के लिए दे कर, कहीं दूसरे गाँव जा रहा हूँ| जिस भी लोहे की वस्तु को तुम इससे स्पर्श करोगे, वह स्वर्ण में परिवर्तित हो जायेगी| पर याद रहे कि दूसरे दिन सूर्यास्त के पश्चात मैं इसे तुमसे वापस ले लूँगा|’

 शिष्य इस सुअवसर को पाकर बड़ा प्रसन्न हुआ लेकिन आलसी होने के कारण उसने अपना पहला दिन यह कल्पना करते-करते बिता दिया कि जब उसके पास बहुत सारा स्वर्ण होगा तब वह कितना प्रसन्न, सुखी,समृद्ध और संतुष्ट रहेगा, इतने नौकर-चाकर होंगे कि उसे पानी पीने के लिए भी नहीं उठाना पड़ेगा | फिर दूसरे दिन जब वह  प्रातःकाल जागा,उसे अच्छी तरह से स्मरण था कि आज स्वर्ण पाने का दूसरा और अंतिम दिन है |उसने मन में पक्का विचार किया कि आज वह गुरूजी द्वारा दिए गये काले पत्थर का लाभ ज़रूर उठाएगा | उसने निश्चय किया कि वो बाज़ार से लोहे के बड़े-बड़े सामान खरीद कर लायेगा और उन्हें स्वर्ण में परिवर्तित कर देगा. दिन बीतता गया, पर वह इसी सोच में बैठा रहा की अभी तो बहुत समय है, कभी भी बाज़ार जाकर सामान लेता आएगा. उसने सोचा कि अब तो  दोपहर का भोजन करने के पश्चात ही सामान लेने निकलूंगा.पर भोजन करने के बाद उसे विश्राम करने की आदत थी , और उसने बजाये उठ के मेहनत करने के थोड़ी देर आराम करना उचित समझा. पर आलस्य से परिपूर्ण उसका शरीर नीद की गहराइयों में खो गया, और जब वो उठा तो सूर्यास्त होने को था. अब वह जल्दी-जल्दी बाज़ार की तरफ भागने लगा, पर रास्ते में ही उसे गुरूजी मिल गए उनको देखते ही वह उनके चरणों पर गिरकर, उस जादुई पत्थर को एक दिन और अपने पास रखने के लिए याचना करने लगा लेकिन गुरूजी नहीं माने और उस शिष्य का धनी होने का सपना चूर-चूर हो गया | पर इस घटना की वजह से शिष्य को एक बहुत बड़ी सीख मिल गयी: उसे अपने आलस्य पर पछतावा होने लगा, वह समझ गया कि आलस्य उसके जीवन के लिए एक अभिशाप है और उसने प्रण किया कि अब वो कभी भी काम से जी नहीं चुराएगा और एक कर्मठ, सजग और सक्रिय व्यक्ति बन कर दिखायेगा.

 मित्रों, जीवन में हर किसी को एक से बढ़कर एक अवसर मिलते हैं , पर कई लोग इन्हें बस अपने आलस्य के कारण गवां देते हैं. इसलिए मैं यही कहना चाहती हूँ कि यदि आप सफल, सुखी, भाग्यशाली, धनी अथवा महान  बनना चाहते हैं तो आलस्य और दीर्घसूत्रता को त्यागकर, अपने अंदर विवेक, कष्टसाध्य श्रम,और सतत् जागरूकता जैसे गुणों को विकसित कीजिये और जब कभी आपके मन में किसी आवश्यक काम को टालने का विचार आये तो स्वयं से एक प्रश्न कीजिये – “आज ही क्यों नहीं ?”

शिव खेड़ा के अनमोल विचार


Shiv Khera Quotes in Hindi (शिव खेड़ा के अनमोल विचार)

शिव खेड़ा अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रोफेशनल स्पीकर और राइटर है। इनका जन्म बिहार के धनबाद तथा कॉलेज की शिक्षा श्रीराम कॉमर्स कॉलेज, दिल्ली से हुई थी।  अपनी युवा अवस्था में इन्होने अमेरिका में कार धोने का, इंश्योरेंस एजेंट का काम किया था।  वही पर इन्होने नार्मन विन्सेंट पील का एक लेक्चर सुना था जिससे इंस्पायर होकर ये मोटिवेशनल स्पीकर बने। शिव खेड़ा अमेरिका में "क्वालिफाइड लर्निग सिस्टम इंक" के संस्थापक हैं । वे प्रख्यात पुस्तक "जीत आपकी" के लेखक हैं।  यहाँ पर हमने आपके लिए उनके कोट्स का संकलन किया है। शिव खेड़ा की प्रेरणादायक किताबे आप फ्लिपकार्ट स खऱीद सकतें हैं|

Quote 1 : जीतने वाले अलग चीजें नहीं करते, वो चीजों को  अलग तरह से करते है।

Quote 2 :  सकारात्मक सोच (पॉजिटिव थिंकिंग) के साथ सकारात्मक किर्या (पॉजिटिव एक्शन) का परिणाम सफलता है।

Quote 3 : जीतने वाले लाभ देखते हैं, हारने वाले दर्द।

Quote 4 : विपरीत परस्थितियों में कुछ लोग टूट जाते हैं , तो कुछ लोग लोग रिकॉर्ड तोड़ते हैं।

Quote 5 : अपना एक विज़न रखो।  ये अदृश्य  को देखने की एक आवश्यक योग्यता है। और यदि आप अदृश्य द्देख सकते है तो आप असंभव भी प्राप्त कर सकते है।

Quote 6 : अगर आप सोचते हैं कि आप कर सकते हैं-तो आप कर सकते हैं !अगर आप सोचते हैं कि आप नहीं कर सकते हैं- तो आप नहीं कर सकते हैं ! और किसी भी तरह से …आप सही हैं !

Quote 7 : चरित्र का निर्माण तब नहीं शुरू होता जब बच्चा  पैदा होता है; ये बच्चे के पैदा होने के  सौ  साल पहले से शुरू हो जाता है।

Quote 8 : सत्य का क्रियान्वन ही न्याय है।

Quote 9 : एक देश नारे लगाने से महान नहीं बन जाता।

Quote 10 : किसी डिग्री का ना होने दरअसल फायेदेमंद है. अगर आप इंजिनियर या डाक्टर हैं तब आप एक ही काम कर सकते हैं.पर यदि आपके पास कोई डिग्री नहीं है , तो आप कुछ भी कर सकते हैं।

Quote 11 : हमारी बिजनेस से सम्बंधित समस्याएं नहीं होतीं , हमारी लोगों से सम्बंधित समस्याएं होती हैं।

Quote 12 : अगर हम हल का हिस्सा नहीं हैं, तो हम समस्या हैं।

Quote 13 : कभी भी दुष्ट लोगों की सक्रियता समाज को बर्वाद नहीं करती, बल्कि हमेशा अच्छे लोगों की निष्क्रियता समाज को बर्वाद करती है।

Quote 14 : जब कभी कोई व्यक्ति कहता है कि वो ये  नहीं कर सकता है , तो असल में वो दो चीजें कह रहा होता है. या तो मुझे पता नहीं है कि ये कैसे होगा या मैं इसे करना नहीं चाहता।

Quote 15 : इन्स्पीरेशन  सोच  है जबकि मोटीवेशन कार्रवाई है।

Quote 16 : आत्म-सम्मान और अहंकार का उल्टा सम्बन्ध है।

Quote 17 : लोग इसकी परवाह नहीं करते हैं कि आप कितना जानते हैं, वो ये जानना चाहते हैं कि आप कितना ख़याल रखते हैं।

Quote 18 : अच्छे लीडर्स और लीडर्स बनाने की चेष्ठा करते हैं, बुरे लीडर्स और फालोवार्स बनाने की चेष्ठा करते हैं।

Quote 19 : किसी को धोका न दे क्योकि ये आदत बन जाती है और आदत से व्यक्तित्व।

Quote 20 : लोगों के साथ विन्रम होना सीखे।  महत्त्वपूर्ण होना अच्छा है पर अच्छा होना ज्यादा महत्त्वपूर्ण है।

Quote 21 : अपने मित्रों को सावधानी से चुने। हमारे व्यक्तित्व की झलक न सिर्फ हमारी संगत से झलकती है बल्कि, जिन संगतों से हम दूर रहते है उनसे भी झलकती है।

Quote 22 : विजेता बोलते है की मुझे कुछ करना चाहिए जबकि हारने वाले बोलते है की कुछ होना चाहिए।

Quote 23 : जो भी उधार ले समय पर चुका दे इससे आपकी विश्वनीयता बढ़ती है।

Quote 24 : किसी भी प्रॉडक्ट को बेचने के लिए 90 % दृढ़ विश्वास जबकि 10 % अनुनय।

Quote 25 : लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट में आपको हर दिन के मैनेजमेंट की जरुरत नहीं होती है।